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किसानों के लिए एक मोटर में दो मशीन चलाने का जुगाड़

किसान बचत कैसे करें  भारत में किसान के लिए बचत ही उसका मुनाफा है। क्योंकि बाजार उसके अनुकूल नहीं है। जो भी किसान फसल उगाता है, वो पशुपालन भी करता है। इस प्रकार किसान पशुपालन के द्वारा अतिरिक्त आय अर्जित करता है। ये अतिरिक्त आय ही उसकी बचत होती है। किसान अपने छोटे छोटे खोजी तरीकों से बचत के तरिके ढूंढता रहता है। आज हम यहाँ ऐसे ही एक तरीके की बात कर रहे है। जी हाँ किसान की बचत का एक तरीका जिसे अपनाकर किसान अपनी बचत व श्रम का बेहतर तरीके से उपयोग का सकता है। हम बात करेंगे चारा काटने वाली मशीन की। हर किसान पशुपालन करता है। पशुओं की देखरेख में उसका बहुत सा समय जाया होता है। अगर ऐसे तरीके अपनाकर वह कार्य करे तो उसके धन व समय की बचत होगी। आज हम इस वीडियो में हरा चारा काटने वाली मशीन के प्रयोग की बात करेंगे।  एक मोटर से दो मशीन कैसे चलाएं  जैसा की वीडियो में दिखाया गया है, सबसे पहले आप बाजार से 5 X 3 फ़ीट के दो पत्थर लेकर आएं। फिर चारा काटने वाली मशीन के पैरों के नाप से उस पर चार छेद करके नट व बोल्ट की सहायता से मशीन को अच्छे से उस पत्थर पर फिक्स कर लें। ...

Rani Padmavati and Bhansali

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अभिवक्ति की स्वतंत्रता वही तक सिमित है जहाँ पर दूसरे की स्वतंत्रता शुरू हो जाती है।  रानी पद्मिनी को लेकर जो बवाल मचा है, उस के संदर्भ में यह लेख उद्रित है। अपने बहूत सारे लाभ के लिए फ़िल्मकार ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़खानी करते आये है। इसके पीछे बनने वाली फिल्म का प्री प्रचार है। रानी पद्मिनी के साथ समुदाय विशेष के साथ ऐतिहासिकता भी जुडी हुई है। कैसे तथ्यों को तोड़ कर कोई किसी की भावनाओ के साथ खिलवाड़ कर सकता है? अगर किसी फिल्म के प्रोड्यूसर, हीरो, या किसी भी तरह के व्यक्ति जो उस फिल्म से जुड़ा हुवा है, को इस तरह की अप्रिय घटना का सामना करना पड़ता है, तो इसके लिए वह स्वयं दोषी है। फिल्म से जुड़े हुए लोगो को रानी व उस समय के इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। अपने लाभ के लिए इतिहास के साथ छेड छाड़ नहीं करनी चाहिए। अपनी रचना से समाज को सन्देश दे रहे है, तो समाज के हर वर्ग व भावी पीढ़ी का ख्याल रखना चाहिए। रानी पद्मिनी की कहानी को पहले ही बहूत तोड़ मरोड़ कर, काल्पनिक रूप से लिखा गया है। लेकिन फ़िल्मकार जो बताना चाह रहा है, वह तो मुस्लिम इतिहासकारों ने भी नहीं लिखा। रानी पद्म...