Tuesday, 13 December 2016

ठेट राजस्थान

सांई ईतना दिजिए, जामे कुटुंब समाय।
में भी भुखा न रहूँ, साधु न भुखा जाय॥

हल्की हल्की ठंड की शुरूआत हो चुकि है। एेसै में चुल्हे के पास बैठकर गरमा गरम खाने का मजा साथ में परिवार हो तो और बढ़ जाता है। मेरे बच्चे अपनी मम्मी के पास बेठ कर खाने का इंतजार कर रहे हैं। यह फोटो मेंनै पिछले वर्ष दिसम्बर महिने में लिया था। यादें ताजा हो गई।


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